إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ
ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
إِذَا جَاءَ نَصْرُ اللَّهِ وَالْفَتْحُ
ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी
وَرَأَيْتَ النَّاسَ يَدْخُلُونَ فِي دِينِ اللَّهِ أَفْوَاجًا
और फतेह (मक्का) हो जाएगी और तुम लोगों को देखोगे कि गोल के गोल ख़ुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं
فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَاسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُ كَانَ تَوَّابًا
तो तुम अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करना और उसी से मग़फेरत की दुआ माँगना वह बेशक बड़ा माफ़ करने वाला है