The Fig · at-Tin · سورة التين · 8 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ

इन्जीर और ज़ैतून की क़सम

وَطُورِ سِينِينَ

और तूर सीनीन की

وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ

और उस अमन वाले शहर (मक्का) की

لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنْسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ

कि हमने इन्सान बहुत अच्छे कैड़े का पैदा किया

ثُمَّ رَدَدْنَاهُ أَسْفَلَ سَافِلِينَ

फिर हमने उसे (बूढ़ा करके रफ्ता रफ्ता) पस्त से पस्त हालत की तरफ फेर दिया

إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ

मगर जो लोग ईमान लाए और अच्छे (अच्छे) काम करते रहे उनके लिए तो बे इन्तेहा अज्र व सवाब है

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِ

तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा के बारे में कौन झुठला सकता है

أَلَيْسَ اللَّهُ بِأَحْكَمِ الْحَاكِمِينَ

क्या ख़ुदा सबसे बड़ा हाकिम नहीं है (हाँ ज़रूर है)