Al-Kahf 18:1

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الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَنْزَلَ عَلَىٰ عَبْدِهِ الْكِتَابَ وَلَمْ يَجْعَلْ لَهُ عِوَجًا ۜ

القرآن الكريم

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सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने अपने बंदे पर पुस्तक उतारी, और उसमें कोई टेढ़ नहीं रखी।

Azizul Haq Al-Omari

हर तरह की तारीफ ख़ुदा ही को (सज़ावार) है जिसने अपने बन्दे (मोहम्मद) पर किताब (क़ुरान) नाज़िल की और उसमें किसी तरह की कज़ी (ख़राबी) न रखी

Farooq Khan and Nadwi