An-Nisa' 4:35

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وَإِنْ خِفْتُمْ شِقَاقَ بَيْنِهِمَا فَابْعَثُوا حَكَمًا مِنْ أَهْلِهِ وَحَكَمًا مِنْ أَهْلِهَا إِنْ يُرِيدَا إِصْلَاحًا يُوَفِّقِ اللَّهُ بَيْنَهُمَا ۗ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلِيمًا خَبِيرًا

القرآن الكريم

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और यदि तुम्हें दोनों के बीच अलगाव का डर हो, तो एक मध्यस्थ पति के घराने से तथा एक मध्यस्थ पत्नी के घराने से नियुक्त करो, यदि दोनों (मध्यस्थ) सुधार करना चाहेंगे, तो अल्लाह दोनों (पति-पत्नी) के बीच मेल का रास्ता निकाल देगा। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला और हर चीज़ की ख़बर रखने वाला है।

Azizul Haq Al-Omari

और ऐ हुक्काम (वक्त) अगर तुम्हें मियॉ बीवी की पूरी नाइत्तेफ़ाक़ी का तरफैन से अन्देशा हो तो एक सालिस (पन्च) मर्द के कुनबे में से एक और सालिस औरत के कुनबे में मुक़र्रर करो अगर ये दोनों सालिस दोनों में मेल करा देना चाहें तो ख़ुदा उन दोनों के दरमियान उसका अच्छा बन्दोबस्त कर देगा ख़ुदा तो बेशक वाक़िफ व ख़बरदार है

Farooq Khan and Nadwi