وَالذَّارِيَاتِ ذَرْوًا
क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।
وَالذَّارِيَاتِ ذَرْوًا
क़सम है उन (हवाओं) की जो (धूल आदि) उड़ाने वाली हैं!
فَالْحَامِلَاتِ وِقْرًا
फिर पानी का बड़ा भारी बोझ उठाने वाले बादलों की!
فَالْجَارِيَاتِ يُسْرًا
फिर आसानी से चलने वाली नावों की!
فَالْمُقَسِّمَاتِ أَمْرًا
फिर (अल्लाह का) आदेश बाँटने वाले (फ़रिश्तों की)!
إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ
निःसंदेह जो तुमसे वादा किया जाता है, निश्चय वह सत्य है।
وَإِنَّ الدِّينَ لَوَاقِعٌ
तथा निःसंदेह हिसाब अनिवार्य रूप से घटित होने वाला है।
وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْحُبُكِ
क़सम है रास्तों वाले आकाश की!
إِنَّكُمْ لَفِي قَوْلٍ مُخْتَلِفٍ
निःसंदेह तुम निश्चय एक विवादास्पद बात में पड़े हो।
يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ
उससे वही फेरा जाता है, जो (अल्लाह के ज्ञान में) फेर दिया गया है।
قُتِلَ الْخَرَّاصُونَ
अटकल लगाने वाले मारे गए।
الَّذِينَ هُمْ فِي غَمْرَةٍ سَاهُونَ
जो बड़ी ग़फ़लत में भूले हुए हैं।
يَسْأَلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ الدِّينِ
वे पूछते हैं कि बदले का दिन कब है?
يَوْمَ هُمْ عَلَى النَّارِ يُفْتَنُونَ
जिस दिन वे आग पर तपाए जाएँगे।
ذُوقُوا فِتْنَتَكُمْ هَٰذَا الَّذِي كُنْتُمْ بِهِ تَسْتَعْجِلُونَ
अपने फ़ितने (यातना) का मज़ा चखो, यही है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे थे।
إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ
निःसंदेह परहेज़गार लोग बाग़ों और जल स्रोतों में होंगे।
آخِذِينَ مَا آتَاهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ
जो कुछ उनका रब उन्हें देगा, उसे वे लेने वाले होंगे। निश्चय ही वे इससे पहले नेकी करने वाले थे।
كَانُوا قَلِيلًا مِنَ اللَّيْلِ مَا يَهْجَعُونَ
वे रात के बहुत थोड़े भाग में सोते थे।
وَبِالْأَسْحَارِ هُمْ يَسْتَغْفِرُونَ
तथा रात्रि की अंतिम घड़ियों में वे क्षमा याचना करते थे।
وَفِي أَمْوَالِهِمْ حَقٌّ لِلسَّائِلِ وَالْمَحْرُومِ
और उनके धनों में माँगने वाले तथा वंचित के लिए एक हक़ (हिस्सा) था।
وَفِي الْأَرْضِ آيَاتٌ لِلْمُوقِنِينَ
तथा धरती में विश्वास करने वालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं।
وَفِي أَنْفُسِكُمْ ۚ أَفَلَا تُبْصِرُونَ
तथा स्वयं तुम्हारे भीतर (भी)। तो क्या तुम नहीं देखते?
وَفِي السَّمَاءِ رِزْقُكُمْ وَمَا تُوعَدُونَ
और आकाश ही में तुम्हारी रोज़ी है तथा वह भी जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है।
فَوَرَبِّ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ إِنَّهُ لَحَقٌّ مِثْلَ مَا أَنَّكُمْ تَنْطِقُونَ
सो क़सम है आकाश एवं धरती के पालनहार की! निःसंदेह यह बात निश्चित रूप से सत्य है, इस बात की तरह कि निःसंदेह तुम बोलते हो।
هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ ضَيْفِ إِبْرَاهِيمَ الْمُكْرَمِينَ
क्या आपके पास इबराहीम के सम्मानित अतिथियों की सूचना आई है?
إِذْ دَخَلُوا عَلَيْهِ فَقَالُوا سَلَامًا ۖ قَالَ سَلَامٌ قَوْمٌ مُنْكَرُونَ
जब वे उसके पास आए, तो उन्होंने सलाम कहा। उसने कहा : सलाम हो। कुछ अपरिचित लोग हैं।
فَرَاغَ إِلَىٰ أَهْلِهِ فَجَاءَ بِعِجْلٍ سَمِينٍ
फिर वह चुपके से अपने घरवालों के पास गया। फिर एक मोटा-ताज़ा (भुना हुआ) बछड़ा ले आया।
فَقَرَّبَهُ إِلَيْهِمْ قَالَ أَلَا تَأْكُلُونَ
फिर उसे उनके सामने रख दिया। कहा : क्या तुम नहीं खाते?
فَأَوْجَسَ مِنْهُمْ خِيفَةً ۖ قَالُوا لَا تَخَفْ ۖ وَبَشَّرُوهُ بِغُلَامٍ عَلِيمٍ
तो उसने उनसे दिल में डर महसूस किया। उन्होंने कहा : डरो नहीं। और उन्होंने उसे एक बहुत ही ज्ञानी पुत्र की शुभ-सूचना दी।
فَأَقْبَلَتِ امْرَأَتُهُ فِي صَرَّةٍ فَصَكَّتْ وَجْهَهَا وَقَالَتْ عَجُوزٌ عَقِيمٌ
यह सुनकर उसकी पत्नी चिल्लाती हुई आगे आई, तो उसने अपना चेहरा पीट लिया और बोली : बूढ़ी बाँझ!
قَالُوا كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ ۖ إِنَّهُ هُوَ الْحَكِيمُ الْعَلِيمُ
उन्होंने कहा : तेरे पालनहार ने ऐसे ही फरमाया है। निश्चय वही पूर्ण हिकमत वाला, अत्यंत ज्ञानी है।
قَالَ فَمَا خَطْبُكُمْ أَيُّهَا الْمُرْسَلُونَ
उसने कहा : ऐ भेजे हुए (दूतो!) तुम्हारा अभियान क्या है?
قَالُوا إِنَّا أُرْسِلْنَا إِلَىٰ قَوْمٍ مُجْرِمِينَ
उन्होंने कहा : निःसंदेह हम कुछ अपराधी लोगों की ओर भेजे गए हैं।
لِنُرْسِلَ عَلَيْهِمْ حِجَارَةً مِنْ طِينٍ
ताकि हम उनपर मिट्टी के पत्थर बरसाएँ।
مُسَوَّمَةً عِنْدَ رَبِّكَ لِلْمُسْرِفِينَ
जो तुम्हारे पालनहार के पास से सीमा से आगे बढ़ने वालों के लिए चिह्नित हैं।
فَأَخْرَجْنَا مَنْ كَانَ فِيهَا مِنَ الْمُؤْمِنِينَ
फिर हमने उस (बस्ती) में जो भी ईमानवाले थे उन्हें निकाल लिया।
فَمَا وَجَدْنَا فِيهَا غَيْرَ بَيْتٍ مِنَ الْمُسْلِمِينَ
तो हमने उसमें मुसलमानों के एक घर के सिवा कोई और नहीं पाया।
وَتَرَكْنَا فِيهَا آيَةً لِلَّذِينَ يَخَافُونَ الْعَذَابَ الْأَلِيمَ
तथा हमने उसमें उन लोगों के लिए एक निशानी छोड़ दी, जो दुःखदायी यातना से डरते हैं।
وَفِي مُوسَىٰ إِذْ أَرْسَلْنَاهُ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ بِسُلْطَانٍ مُبِينٍ
तथा मूसा (की कहानी) में (भी एक निशानी है), जब हमने उसे फ़िरऔन की ओर एक स्पष्ट प्रमाण देकर भेजा।
فَتَوَلَّىٰ بِرُكْنِهِ وَقَالَ سَاحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌ
तो उसने अपनी शक्ति के कारण मुँह फेर लिया और उसने कहा : यह जादूगर है, या पागल।
فَأَخَذْنَاهُ وَجُنُودَهُ فَنَبَذْنَاهُمْ فِي الْيَمِّ وَهُوَ مُلِيمٌ
अंततः हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ लिया, फिर उन्हें समुद्र में फेंक दिया, जबकि वह एक निंदनीय काम करने वाला था।
وَفِي عَادٍ إِذْ أَرْسَلْنَا عَلَيْهِمُ الرِّيحَ الْعَقِيمَ
तथा आद में, जब हमने उनपर बाँझ हवा भेजी दी।
مَا تَذَرُ مِنْ شَيْءٍ أَتَتْ عَلَيْهِ إِلَّا جَعَلَتْهُ كَالرَّمِيمِ
वह जिस चीज़ पर से भी गुज़रती, उसे सड़ी हुई हड्डी की तरह कर देती थी।
وَفِي ثَمُودَ إِذْ قِيلَ لَهُمْ تَمَتَّعُوا حَتَّىٰ حِينٍ
तथा समूद में, जब उनसे कहा गया कि एक समय तक के लिए लाभ उठा लो।
فَعَتَوْا عَنْ أَمْرِ رَبِّهِمْ فَأَخَذَتْهُمُ الصَّاعِقَةُ وَهُمْ يَنْظُرُونَ
फिर उन्होंने अपने पालनहार के आदेश की अवज्ञा की, तो उन्हें कड़क ने पकड़ लिया और वे देख रहे थे।
فَمَا اسْتَطَاعُوا مِنْ قِيَامٍ وَمَا كَانُوا مُنْتَصِرِينَ
फिर उनमें न तो खड़े होने की शक्ति थी और न ही वे प्रतिकार करने वाले थे।
وَقَوْمَ نُوحٍ مِنْ قَبْلُ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا قَوْمًا فَاسِقِينَ
तथा इससे पहले नूह़ की जाति को (विनष्ट कर दिया)। निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे।
وَالسَّمَاءَ بَنَيْنَاهَا بِأَيْدٍ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ
तथा आकाश को हमने शक्ति के साथ बनाया और निःसंदेह हम निश्चय विस्तार करने वाले हैं।
وَالْأَرْضَ فَرَشْنَاهَا فَنِعْمَ الْمَاهِدُونَ
तथा धरती को हमने बिछा दिया, तो हम क्या ही खूब बिछाने वाले हैं।
وَمِنْ كُلِّ شَيْءٍ خَلَقْنَا زَوْجَيْنِ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ
तथा हमने हर चीज़ के दो प्रकार बनाए, ताकि तुम नसीहत ग्रहण करो।
فَفِرُّوا إِلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُمْ مِنْهُ نَذِيرٌ مُبِينٌ
अतः अल्लाह की ओर दौड़ो। निश्चय ही मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से स्पष्ट सचेतकर्ता हूँ।
وَلَا تَجْعَلُوا مَعَ اللَّهِ إِلَٰهًا آخَرَ ۖ إِنِّي لَكُمْ مِنْهُ نَذِيرٌ مُبِينٌ
और अल्लाह के साथ कोई दूसरा पूज्य मत बनाओ। निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से खुला डराने वाला हूँ।
كَذَٰلِكَ مَا أَتَى الَّذِينَ مِنْ قَبْلِهِمْ مِنْ رَسُولٍ إِلَّا قَالُوا سَاحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌ
इसी प्रकार, उन लोगों के पास जो इनसे पहले थे, जब भी कोई रसूल आया, तो उन्होंने कहा : यह जादूगर है, या पागल।
أَتَوَاصَوْا بِهِ ۚ بَلْ هُمْ قَوْمٌ طَاغُونَ
क्या उन्होंने एक-दूसरे को इस (बात) की वसीयत की है? बल्कि वे (स्वयं ही) सरकश लोग हैं।
فَتَوَلَّ عَنْهُمْ فَمَا أَنْتَ بِمَلُومٍ
अतः आप उनसे मुँह फेर लें। क्योंकि आपपर कोई दोष नहीं है।
وَذَكِّرْ فَإِنَّ الذِّكْرَىٰ تَنْفَعُ الْمُؤْمِنِينَ
तथा आप नसीहत करें। क्योंकि निश्चय नसीहत ईमानवालों को लाभ देताी है।
وَمَا خَلَقْتُ الْجِنَّ وَالْإِنْسَ إِلَّا لِيَعْبُدُونِ
और मैंने जिन्नों तथा मनुष्यों को केवल इसलिए पैदा किया है कि वे मेरी इबादत करें।
مَا أُرِيدُ مِنْهُمْ مِنْ رِزْقٍ وَمَا أُرِيدُ أَنْ يُطْعِمُونِ
मैं उनसे कोई रोज़ी नहीं चाहता और न यह चाहता हूँ कि वे मुझे खिलाएँ।
إِنَّ اللَّهَ هُوَ الرَّزَّاقُ ذُو الْقُوَّةِ الْمَتِينُ
निःसंदेह अल्लाह ही बहुत रोज़ी देनेवाला, बड़ा शक्तिशाली, अत्यंत मज़बूत है।
فَإِنَّ لِلَّذِينَ ظَلَمُوا ذَنُوبًا مِثْلَ ذَنُوبِ أَصْحَابِهِمْ فَلَا يَسْتَعْجِلُونِ
अतः निश्चय उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार किया, उनके साथियों के हिस्से की तरह (यातना का) एक हिस्सा है। सो वे मुझसे जल्दी न मचाएँ।
فَوَيْلٌ لِلَّذِينَ كَفَرُوا مِنْ يَوْمِهِمُ الَّذِي يُوعَدُونَ
अतः इनकार करने वालों के लिए उनके उस दिन से बड़ा विनाश है, जिसका उनसे वादा किया जा रहा है।