وَالنَّجْمِ إِذَا هَوَىٰ
क़सम है तारे की जब वह गिरे!
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।
وَالنَّجْمِ إِذَا هَوَىٰ
क़सम है तारे की जब वह गिरे!
مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمْ وَمَا غَوَىٰ
तुम्हारा साथी न तो रास्ते से भटका है और न ही गलत रास्ते पर चला है।
وَمَا يَنْطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है।
إِنْ هُوَ إِلَّا وَحْيٌ يُوحَىٰ
वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।
عَلَّمَهُ شَدِيدُ الْقُوَىٰ
उसे बहुत मज़ूबत शक्तियों वाले (फ़रिश्ते) ने सिखाया है।
ذُو مِرَّةٍ فَاسْتَوَىٰ
जो बड़ा बलशाली है। फिर वह बुलंद हुआ (अपने असली रूप में प्रकट हुआ)।
وَهُوَ بِالْأُفُقِ الْأَعْلَىٰ
जबकि वह आकाश के सबसे ऊँचे क्षितिज (पूर्वी किनारे) पर था।
ثُمَّ دَنَا فَتَدَلَّىٰ
फिर वह निकट हुआ और उतर आया।
فَكَانَ قَابَ قَوْسَيْنِ أَوْ أَدْنَىٰ
फिर वह दो धनुषों की दूरी पर था, या उससे भी निकट।
فَأَوْحَىٰ إِلَىٰ عَبْدِهِ مَا أَوْحَىٰ
फिर उसने अल्लाह के बंदे की ओर वह़्य की, जो भी वह़्य की।
مَا كَذَبَ الْفُؤَادُ مَا رَأَىٰ
दिल ने झूठ नहीं बोला, जो कुछ उसने देखा।
أَفَتُمَارُونَهُ عَلَىٰ مَا يَرَىٰ
फिर क्या तुम उससे उसपर झगड़ते हो, जो वह देखता है?
وَلَقَدْ رَآهُ نَزْلَةً أُخْرَىٰ
हालाँकि, निश्चित रूप से उसने उसे एक और बार उतरते हुए भी देखा है।
عِنْدَ سِدْرَةِ الْمُنْتَهَىٰ
सिदरतुल-मुनतहा' के पास।
عِنْدَهَا جَنَّةُ الْمَأْوَىٰ
उसी के पास 'जन्नतुल मावा' (शाश्वत स्वर्ग) है।
إِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشَىٰ
जब सिदरा पर छा रहा था, जो कुछ छा रहा था।
مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ
न निगाह इधर-उधर हुई और न सीमा से आगे बढ़ी।
لَقَدْ رَأَىٰ مِنْ آيَاتِ رَبِّهِ الْكُبْرَىٰ
निःसंदेह उसने अपने पालनहार की कुछ बहुत बड़ी निशानियाँ देखीं।
أَفَرَأَيْتُمُ اللَّاتَ وَالْعُزَّىٰ
फिर क्या तुमने लात और उज़्ज़ा को देखा।
وَمَنَاةَ الثَّالِثَةَ الْأُخْرَىٰ
तथा तीसरी एक और (मूर्ति) मनात को?
أَلَكُمُ الذَّكَرُ وَلَهُ الْأُنْثَىٰ
क्या तुम्हारे लिए पुत्र हैं और उस (अल्लाह) के लिए पुत्रियाँ?
تِلْكَ إِذًا قِسْمَةٌ ضِيزَىٰ
तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।
إِنْ هِيَ إِلَّا أَسْمَاءٌ سَمَّيْتُمُوهَا أَنْتُمْ وَآبَاؤُكُمْ مَا أَنْزَلَ اللَّهُ بِهَا مِنْ سُلْطَانٍ ۚ إِنْ يَتَّبِعُونَ إِلَّا الظَّنَّ وَمَا تَهْوَى الْأَنْفُسُ ۖ وَلَقَدْ جَاءَهُمْ مِنْ رَبِّهِمُ الْهُدَىٰ
ये (मूर्तियाँ) कुछ नामों के सिवा कुछ भी नहीं हैं, जो तुमने तथा तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं। अल्लाह ने इनका कोई प्रमाण नहीं उतारा है। ये लोग केवल अटकल के और उन चीज़ों के पीछे चल रहे हैं जो उनके दिल चाहते हैं। जबकि निःसंदेह उनके पास उनके पालनहार की ओर से मार्गदर्शन आ चुका है।
أَمْ لِلْإِنْسَانِ مَا تَمَنَّىٰ
क्या मनुष्य को वह मिल जाएगा, जिसकी वह कामना करे?
فَلِلَّهِ الْآخِرَةُ وَالْأُولَىٰ
(नहीं, ऐसा नहीं है) क्योंकि आख़िरत और दुनिया अल्लाह ही के अधिकार में है।
وَكَمْ مِنْ مَلَكٍ فِي السَّمَاوَاتِ لَا تُغْنِي شَفَاعَتُهُمْ شَيْئًا إِلَّا مِنْ بَعْدِ أَنْ يَأْذَنَ اللَّهُ لِمَنْ يَشَاءُ وَيَرْضَىٰ
और आकाशों में कितने ही फ़रिश्ते हैं कि उनकी सिफ़ारिश कुछ लाभ नहीं देती, परंतु इसके पश्चात कि अल्लाह अनुमति दे जिसके लिए चाहे तथा (जिसे) पसंद करे।
إِنَّ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ لَيُسَمُّونَ الْمَلَائِكَةَ تَسْمِيَةَ الْأُنْثَىٰ
निःसंदेह वे लोग जो आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, निश्चय वे फ़रिश्तों के नाम औरतों के नामों की तरह रखते हैं।
وَمَا لَهُمْ بِهِ مِنْ عِلْمٍ ۖ إِنْ يَتَّبِعُونَ إِلَّا الظَّنَّ ۖ وَإِنَّ الظَّنَّ لَا يُغْنِي مِنَ الْحَقِّ شَيْئًا
हालाँकि उन्हें इसके बारे में कोई ज्ञान नहीं। वे केवल अनुमान के पीछे चल रहे हैं। और निःसंदेह अनुमान सच्चाई की तुलना में किसी काम नहीं आता।
فَأَعْرِضْ عَنْ مَنْ تَوَلَّىٰ عَنْ ذِكْرِنَا وَلَمْ يُرِدْ إِلَّا الْحَيَاةَ الدُّنْيَا
अतः आप उससे मुँह फेर लें, जिसने हमारी नसीहत से मुँह मोड़ लिया और जिसने दुनिया के जीवन के सिवा कुछ नहीं चाहा।
ذَٰلِكَ مَبْلَغُهُمْ مِنَ الْعِلْمِ ۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعْلَمُ بِمَنْ ضَلَّ عَنْ سَبِيلِهِ وَهُوَ أَعْلَمُ بِمَنِ اهْتَدَىٰ
यही उनके ज्ञान की सीमा है। निश्चित रूप से आपका पालनहार ही उसे अधिक जानने वाला है, जो उसके मार्ग से भटक गया और वही उसे भी ज़्यादा जानने वाला है, जो सीधे मार्ग पर चला।
وَلِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ لِيَجْزِيَ الَّذِينَ أَسَاءُوا بِمَا عَمِلُوا وَيَجْزِيَ الَّذِينَ أَحْسَنُوا بِالْحُسْنَى
तथा जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह ही का है, ताकि वह बुराई करने वालों को उनके किए का बदला दे, और भलाई करने वालों को अच्छा बदला दे।
الَّذِينَ يَجْتَنِبُونَ كَبَائِرَ الْإِثْمِ وَالْفَوَاحِشَ إِلَّا اللَّمَمَ ۚ إِنَّ رَبَّكَ وَاسِعُ الْمَغْفِرَةِ ۚ هُوَ أَعْلَمُ بِكُمْ إِذْ أَنْشَأَكُمْ مِنَ الْأَرْضِ وَإِذْ أَنْتُمْ أَجِنَّةٌ فِي بُطُونِ أُمَّهَاتِكُمْ ۖ فَلَا تُزَكُّوا أَنْفُسَكُمْ ۖ هُوَ أَعْلَمُ بِمَنِ اتَّقَىٰ
वे लोग जो बड़े गुनाहों तथा अश्लील कार्यों से दूर रहते हैं, सिवाय कुछ छोटे गुनाहों के। निःसंदेह आपका पालनहार बड़ा क्षमा करने वाला है। वह तुम्हें अधिक जानने वाला है जब उसने तुम्हें धरती से पैदा किया और जब तुम अपनी माँओं के पेटों में बच्चे थे। अतः अपनी पवित्रता का दावा मत करो, वह उसे ज़्यादा जानने वाला है जो वास्तव में परहेज़गार है।
أَفَرَأَيْتَ الَّذِي تَوَلَّىٰ
फिर क्या आपने उसे देखा जिसने मुँह फेर लिया?
وَأَعْطَىٰ قَلِيلًا وَأَكْدَىٰ
और थोड़ा-सा दिया फिर रोक लिया।
أَعِنْدَهُ عِلْمُ الْغَيْبِ فَهُوَ يَرَىٰ
क्या उसके पास परोक्ष का ज्ञान है? अतः वह देख रहा है।
أَمْ لَمْ يُنَبَّأْ بِمَا فِي صُحُفِ مُوسَىٰ
या उसे उन बातों की सूचना नहीं दी गई, जो मूसा के ग्रंथों में हैं?
وَإِبْرَاهِيمَ الَّذِي وَفَّىٰ
और इबराहीम के (ग्रंथों में), जिसने (कर्तव्य) पूरा किया।
أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٌ وِزْرَ أُخْرَىٰ
कि कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।
وَأَنْ لَيْسَ لِلْإِنْسَانِ إِلَّا مَا سَعَىٰ
और यह कि मनुष्य के लिए केवल वही है, जिसके लिए उसने प्रयास किया।
وَأَنَّ سَعْيَهُ سَوْفَ يُرَىٰ
और यह कि निश्चय उसका प्रयास शीघ्र ही देखा जाएगा।
ثُمَّ يُجْزَاهُ الْجَزَاءَ الْأَوْفَىٰ
फिर उसे उसका पूरा प्रतिफल दिया जाएगा।
وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ الْمُنْتَهَىٰ
और यह कि निःसंदेह आपके पालनहार ही की ओर अंततः पहुँचना है।
وَأَنَّهُ هُوَ أَضْحَكَ وَأَبْكَىٰ
तथा यह कि निःसंदह वही है, जिसने हँसाया तथा रुलाया।
وَأَنَّهُ هُوَ أَمَاتَ وَأَحْيَا
तथा यह कि निःसंदेह वही है, जिसने मृत्यु दी और जीवन दिया।
وَأَنَّهُ خَلَقَ الزَّوْجَيْنِ الذَّكَرَ وَالْأُنْثَىٰ
और यह कि निःसंदेह उसी ने दो प्रकार : नर और मादा पैदा किए।
مِنْ نُطْفَةٍ إِذَا تُمْنَىٰ
एक बूँद से, जब वह टपकाई जाती है।
وَأَنَّ عَلَيْهِ النَّشْأَةَ الْأُخْرَىٰ
और यह कि निःसंदेह उसी के ज़िम्मे दूसरी बार पैदा करना है।
وَأَنَّهُ هُوَ أَغْنَىٰ وَأَقْنَىٰ
और यह कि निःसंदेह उसी ने धनी बनाया और कोष प्रदान किया।
وَأَنَّهُ هُوَ رَبُّ الشِّعْرَىٰ
और यह कि निःसंदेह वही ''शे'रा'' का रब है।
وَأَنَّهُ أَهْلَكَ عَادًا الْأُولَىٰ
और यह कि निःसंदेह उसी ने प्रथम 'आद' को विनष्ट किया।
وَثَمُودَ فَمَا أَبْقَىٰ
तथा समूद को, फिर (किसी को) बाक़ी न छोड़ा।
وَقَوْمَ نُوحٍ مِنْ قَبْلُ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا هُمْ أَظْلَمَ وَأَطْغَىٰ
तथा इनसे पहले नूह़ की जाति को। निःसंदेह वे बहुत ही ज़ालिम और बड़े ही सरकश थे।
وَالْمُؤْتَفِكَةَ أَهْوَىٰ
और उलट जाने वाली बस्ती को उसने उठाकर धरती पर दे मारा।
فَغَشَّاهَا مَا غَشَّىٰ
तो ढाँप दिया उसे जिस चीज़ से ढाँपा।
فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكَ تَتَمَارَىٰ
तो (ऐ इनसान!) तू अपने पालनहार की ने'मतों में से किस-किस में संदेह करेगा?
هَٰذَا نَذِيرٌ مِنَ النُّذُرِ الْأُولَىٰ
यह पहले डराने वालों में से एक डराने वाला है।
أَزِفَتِ الْآزِفَةُ
निकट आने वाली निकट आ गई।
لَيْسَ لَهَا مِنْ دُونِ اللَّهِ كَاشِفَةٌ
जिसे अल्लाह के सिवा कोई हटाने वाला नहीं।
أَفَمِنْ هَٰذَا الْحَدِيثِ تَعْجَبُونَ
तो क्या तुम इस बात पर आश्चर्य करते हो?
وَتَضْحَكُونَ وَلَا تَبْكُونَ
तथा हँसते हो और रोते नहीं हो?
وَأَنْتُمْ سَامِدُونَ
तथा तुम ग़ाफ़िल हो!
فَاسْجُدُوا لِلَّهِ وَاعْبُدُوا ۩
अतः अल्लाह को सजदा करो और उसी की इबादत करो।