Al-Insan 76:7

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يُوفُونَ بِالنَّذْرِ وَيَخَافُونَ يَوْمًا كَانَ شَرُّهُ مُسْتَطِيرًا

القرآن الكريم

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जो नज़्र (मन्नत) पूरी करते हैं और उस दिन से डरते हैं जिसकी आपदा चारों ओर फैली हुई होगी।

Azizul Haq Al-Omari

ये वह लोग हैं जो नज़रें पूरी करते हैं और उस दिन से जिनकी सख्ती हर तरह फैली होगी डरते हैं

Farooq Khan and Nadwi