The Rupture · al-Inshiqaq · سورة الانشقاق · 25 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।

إِذَا السَّمَاءُ انْشَقَّتْ

जब आकाश फट जाएगा।

وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगा और यही उसके योग्य है।

وَإِذَا الْأَرْضُ مُدَّتْ

तथा जब धरती फैला दी जाएगी।

وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ

और जो कुछ उसके भीतर है, उसे निकाल बाहर फेंक देगी और खाली हो जाएगी।

وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ

और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगी और यही उसके योग्य है।

يَا أَيُّهَا الْإِنْسَانُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَاقِيهِ

ऐ इनसान! निःसंदेह तू कठिन परिश्रम करते-करते अपने पालनहार की ओर जाने वाला है, फिर तू उससे मिलने वाला है।

فَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ بِيَمِينِهِ

फिर जिस व्यक्ति को उसका कर्मपत्र उसके दाहिने हाथ में दिया गया।

فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا

तो उसका आसान हिसाब लिया जाएगा।

وَيَنْقَلِبُ إِلَىٰ أَهْلِهِ مَسْرُورًا

तथा वह अपने लोगों की ओर ख़ुश-ख़ुश लौटेगा।

وَأَمَّا مَنْ أُوتِيَ كِتَابَهُ وَرَاءَ ظَهْرِهِ

और लेकिन जिसे उसका कर्मपत्र उसकी पीठ के पीछे दिया गया।

فَسَوْفَ يَدْعُو ثُبُورًا

तो वह विनाश को पुकारेगा।

وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا

तथा जहन्नम में प्रवेश करेगा।

إِنَّهُ كَانَ فِي أَهْلِهِ مَسْرُورًا

निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।

إِنَّهُ ظَنَّ أَنْ لَنْ يَحُورَ

निश्चय उसने समझा था कि वह कभी (अल्लाह की ओर) वापस नहीं लौटेगा।

بَلَىٰ إِنَّ رَبَّهُ كَانَ بِهِ بَصِيرًا

क्यों नहीं, निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।

فَلَا أُقْسِمُ بِالشَّفَقِ

मैं क़सम खाता हूँ शफ़क़ (सूर्यास्त के बाद की लाली) की।

وَاللَّيْلِ وَمَا وَسَقَ

तथा रात की और उसकी जो कुछ वह एकत्रित करती है!

وَالْقَمَرِ إِذَا اتَّسَقَ

तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाता है।

لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَنْ طَبَقٍ

तुम अवश्य एक अवस्था से दूसरी अवस्था में स्थानांतरित होते रहोगे।

فَمَا لَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ

फिर उन्हें क्या हो गया है कि वे ईमान नहीं लाते?

وَإِذَا قُرِئَ عَلَيْهِمُ الْقُرْآنُ لَا يَسْجُدُونَ ۩

और जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो सजदा नहीं करते।

بَلِ الَّذِينَ كَفَرُوا يُكَذِّبُونَ

बल्कि जिन्होंने कुफ़्र किया, वे (उसे) झुठलाते हैं।

وَاللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُوعُونَ

और अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है जो कुछ वे अपने भीतर रखते हैं।

فَبَشِّرْهُمْ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ

अतः उन्हें एक दर्दनाक यातना की शुभ सूचना दे दो।

إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ

परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए कभी न समाप्त होने वाला बदला है।