The Unleashed · al-Mursalat · سورة المرسلات · 50 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।

وَالْمُرْسَلَاتِ عُرْفًا

क़सम है उन हवाओं की जो निरंतर भेजी जाती हैं!

فَالْعَاصِفَاتِ عَصْفًا

फिर बहुत तेज़ चलने वाली हवाओं की क़सम!

وَالنَّاشِرَاتِ نَشْرًا

और बादलों को फैलाने वाली हवाओं की क़सम!

فَالْفَارِقَاتِ فَرْقًا

फिर सत्य और असत्य के बीच अंतर करने वाली चीज़ के साथ उतरने वाले फ़रिश्तों की क़सम!

فَالْمُلْقِيَاتِ ذِكْرًا

फिर वह़्य लेकर उतरने वाले फ़रिश्तों की क़सम!

عُذْرًا أَوْ نُذْرًا

उज़्र (बहाना) समाप्त करने या डराने के लिए।

إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَوَاقِعٌ

निःसंदेह तुमसे जिस चीज़ का वादा किया जाता है, निश्चय वह होकर रहने वाली है।

فَإِذَا النُّجُومُ طُمِسَتْ

फिर जब तारे मिटा दिए जाएँगे।

وَإِذَا السَّمَاءُ فُرِجَتْ

और जब आकाश फाड़ दिया जाएगा।

وَإِذَا الْجِبَالُ نُسِفَتْ

और जब पर्वत उड़ा दिए जाएँगे।

وَإِذَا الرُّسُلُ أُقِّتَتْ

और जब रसूलों को निर्धारित समय पर एकत्र किया जाएगा।

لِأَيِّ يَوْمٍ أُجِّلَتْ

किस दिन के लिए वे विलंबित किए गए हैं?

لِيَوْمِ الْفَصْلِ

निर्णय के दिन के लिए।

وَمَا أَدْرَاكَ مَا يَوْمُ الْفَصْلِ

और आपको किस चीज़ ने अवगत कराया कि निर्णय का दिन क्या है?

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

أَلَمْ نُهْلِكِ الْأَوَّلِينَ

क्या हमने पहलों को विनष्ट नहीं किया?

ثُمَّ نُتْبِعُهُمُ الْآخِرِينَ

फिर हम उनके पीछे बाद वालों को भेजेंगे।

كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِالْمُجْرِمِينَ

हम अपराधियों के साथ ऐसा ही करते हैं।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

أَلَمْ نَخْلُقْكُمْ مِنْ مَاءٍ مَهِينٍ

क्या हमने तुम्हें एक तुच्छ पानी से पैदा नहीं किया?

فَجَعَلْنَاهُ فِي قَرَارٍ مَكِينٍ

फिर हमने उसे एक सुरक्षित ठिकाने में रखा।

إِلَىٰ قَدَرٍ مَعْلُومٍ

एक ज्ञात अवधि तक।

فَقَدَرْنَا فَنِعْمَ الْقَادِرُونَ

फिर हमने अनुमान लगाया, तो हम क्या ही अच्छा अनुमान लगाने वाले हैं।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

أَلَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ كِفَاتًا

क्या हमने धरती को समेटने वाली नहीं बनाया?

أَحْيَاءً وَأَمْوَاتًا

जीवित और मृत लोगों को।

وَجَعَلْنَا فِيهَا رَوَاسِيَ شَامِخَاتٍ وَأَسْقَيْنَاكُمْ مَاءً فُرَاتًا

तथा हमने उसमें ऊँचे पर्वत बनाए और हमने तुम्हें मीठा पानी पिलाया।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

انْطَلِقُوا إِلَىٰ مَا كُنْتُمْ بِهِ تُكَذِّبُونَ

(कहा जाएगा :) उस चीज़ की ओर चलो, जिसे तुम झुठलाते थे।

انْطَلِقُوا إِلَىٰ ظِلٍّ ذِي ثَلَاثِ شُعَبٍ

एक छाया की ओर चलो, जो तीन शाखाओं वाली है।

لَا ظَلِيلٍ وَلَا يُغْنِي مِنَ اللَّهَبِ

जो न छाया देगी और न ज्वाला से बचाएगी।

إِنَّهَا تَرْمِي بِشَرَرٍ كَالْقَصْرِ

निःसंदेह वह (आग) भवन के समान चिंगारियाँ फेंकेगी।

كَأَنَّهُ جِمَالَتٌ صُفْرٌ

जैसे वे पीले ऊँट हों।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

هَٰذَا يَوْمُ لَا يَنْطِقُونَ

यह वह दिन है कि वे बोल नहीं सकेंगे।

وَلَا يُؤْذَنُ لَهُمْ فَيَعْتَذِرُونَ

और न उन्हें अनुमति दी जाएगी कि वे उज़्र (कारण) पेश करें।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

هَٰذَا يَوْمُ الْفَصْلِ ۖ جَمَعْنَاكُمْ وَالْأَوَّلِينَ

यह निर्णय का दिन है। हमने तुम्हें और पहलों को एकत्र कर दिया है।

فَإِنْ كَانَ لَكُمْ كَيْدٌ فَكِيدُونِ

तो यदि तुम्हारे पास कोई चाल हो, तो मेरे विरुद्ध चलो।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي ظِلَالٍ وَعُيُونٍ

निश्चय डरने वाले लोग छाँवों तथा स्रोतों में होंगे।

وَفَوَاكِهَ مِمَّا يَشْتَهُونَ

तथा फलों में, जिसमें से वे चाहेंगे।

كُلُوا وَاشْرَبُوا هَنِيئًا بِمَا كُنْتُمْ تَعْمَلُونَ

(तथा उनसे कहा जाएगा :) मज़े से खाओ और पियो, उसके बदले जो तुम किया करते थे।

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ

हम सदाचारियों को इसी तरह बदला प्रदान करते हैं।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

كُلُوا وَتَمَتَّعُوا قَلِيلًا إِنَّكُمْ مُجْرِمُونَ

(ऐ झुठलाने वालो!) तुम खा लो तथा थोड़ा-सा आनंद ले लो। निश्चय तुम अपराधी हो।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ارْكَعُوا لَا يَرْكَعُونَ

तथा जब उनसे कहा जाता है कि (अल्लाह के आगे) झुको, तो वे नहीं झुकते।

وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِلْمُكَذِّبِينَ

उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।

فَبِأَيِّ حَدِيثٍ بَعْدَهُ يُؤْمِنُونَ

फिर इस (क़ुरआन) के बाद वे किस बात पर ईमान लाएँगे?