He Frowned · 'Abasa · سورة عبس · 42 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।

عَبَسَ وَتَوَلَّىٰ

उस (नबी) ने त्योरी चढ़ाई और मुँह फेर लिया।

أَنْ جَاءَهُ الْأَعْمَىٰ

इस कारण कि उनके पास अंधा आया।

وَمَا يُدْرِيكَ لَعَلَّهُ يَزَّكَّىٰ

और आपको क्या मालूम शायद वह पवित्रता प्राप्त कर ले।

أَوْ يَذَّكَّرُ فَتَنْفَعَهُ الذِّكْرَىٰ

या नसीहत ग्रहण करे, तो वह नसीहत उसे लाभ दे।

أَمَّا مَنِ اسْتَغْنَىٰ

लेकिन जो बेपरवाह हो गया।

فَأَنْتَ لَهُ تَصَدَّىٰ

तो आप उसके पीछे पड़ रहे हैं।

وَمَا عَلَيْكَ أَلَّا يَزَّكَّىٰ

हालाँकि आपपर कोई दोष नहीं कि वह पवित्रता ग्रहण नहीं करता।

وَأَمَّا مَنْ جَاءَكَ يَسْعَىٰ

लेकिन जो व्यक्ति आपके पास दौड़ता हुआ आया।

وَهُوَ يَخْشَىٰ

और वह डर (भी) रहा है।

فَأَنْتَ عَنْهُ تَلَهَّىٰ

तो आप उसकी ओर ध्यान नहीं देते।

كَلَّا إِنَّهَا تَذْكِرَةٌ

ऐसा हरगिज़ नहीं चाहिए, यह (क़ुरआन) तो एक उपदेश है।

فَمَنْ شَاءَ ذَكَرَهُ

अतः जो चाहे, उसे याद करे।

فِي صُحُفٍ مُكَرَّمَةٍ

(यह क़ुरआन) सम्मानित सहीफ़ों (ग्रंथों) में है।

مَرْفُوعَةٍ مُطَهَّرَةٍ

जो उच्च स्थान वाले तथा पवित्र हैं।

بِأَيْدِي سَفَرَةٍ

ऐसे लिखने वालों (फ़रिश्तों) के हाथों में हैं।

كِرَامٍ بَرَرَةٍ

जो माननीय और नेक हैं।

قُتِلَ الْإِنْسَانُ مَا أَكْفَرَهُ

सर्वनाश हो मनुष्य का, वह कितना कृतघ्न (नाशुक्रा) है।

مِنْ أَيِّ شَيْءٍ خَلَقَهُ

(अल्लाह ने) उसे किस चीज़ से पैदा किया?

مِنْ نُطْفَةٍ خَلَقَهُ فَقَدَّرَهُ

एक नुत्फ़े (वीर्य) से उसे पैदा किया, फिर विभिन्न चरणों में उसकी रचना की।

ثُمَّ السَّبِيلَ يَسَّرَهُ

फिर उसके लिए रास्ता आसान कर दिया।

ثُمَّ أَمَاتَهُ فَأَقْبَرَهُ

फिर उसे मृत्यु दी, फिर उसे क़ब्र में रखवाया।

ثُمَّ إِذَا شَاءَ أَنْشَرَهُ

फिर जब वह चाहेगा, उसे उठाएगा।

كَلَّا لَمَّا يَقْضِ مَا أَمَرَهُ

हरगिज़ नहीं, अभी तक उसने उसे पूरा नहीं किया, जिसका अल्लाह ने उसे आदेश दिया था।

فَلْيَنْظُرِ الْإِنْسَانُ إِلَىٰ طَعَامِهِ

अतः इनसान को चाहिए कि अपने भोजन को देखे।

أَنَّا صَبَبْنَا الْمَاءَ صَبًّا

कि हमने ख़ूब पानी बरसाया।

ثُمَّ شَقَقْنَا الْأَرْضَ شَقًّا

फिर हमने धरती को विशेष रूप से फाड़ा।

فَأَنْبَتْنَا فِيهَا حَبًّا

फिर हमने उसमें अनाज उगाया।

وَعِنَبًا وَقَضْبًا

तथा अंगूर और (मवेशियों का) चारा।

وَزَيْتُونًا وَنَخْلًا

तथा ज़ैतून और खजूर के पेड़।

وَحَدَائِقَ غُلْبًا

तथा घने बाग़।

وَفَاكِهَةً وَأَبًّا

तथा फल और चारा।

مَتَاعًا لَكُمْ وَلِأَنْعَامِكُمْ

तुम्हारे लिए तथा तुम्हारे पशुओं के लिए जीवन-सामग्री के रूप में।

فَإِذَا جَاءَتِ الصَّاخَّةُ

तो जब कानों को बहरा कर देने वाली प्रचंड आवाज़ (क़ियामत) आ जाएगी।

يَوْمَ يَفِرُّ الْمَرْءُ مِنْ أَخِيهِ

जिस दिन इनसान अपने भाई से भागेगा।

وَأُمِّهِ وَأَبِيهِ

तथा अपनी माता और अपने पिता (से)।

وَصَاحِبَتِهِ وَبَنِيهِ

तथा अपनी पत्नी और अपने बेटों से।

لِكُلِّ امْرِئٍ مِنْهُمْ يَوْمَئِذٍ شَأْنٌ يُغْنِيهِ

उस दिन उनमें से प्रत्येक व्यक्ति की ऐसी स्थिति होगी, जो उसे (दूसरों से) बेपरवाह कर देगी।

وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ مُسْفِرَةٌ

उस दिन कुछ चेहरे रौशन होंगे।

ضَاحِكَةٌ مُسْتَبْشِرَةٌ

हँसते हुए, प्रसन्न होंगे।

وَوُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ عَلَيْهَا غَبَرَةٌ

तथा कुछ चेहरों उस दिन धूल से ग्रस्त होंगे।

تَرْهَقُهَا قَتَرَةٌ

उनपर कालिमा छाई होगी।

أُولَٰئِكَ هُمُ الْكَفَرَةُ الْفَجَرَةُ

वही काफ़िर और कुकर्मी लोग हैं।