وَالنَّازِعَاتِ غَرْقًا
क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो डूबकर सख़्ती से (प्राण) खींचने वाले हैं!
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।
وَالنَّازِعَاتِ غَرْقًا
क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो डूबकर सख़्ती से (प्राण) खींचने वाले हैं!
وَالنَّاشِطَاتِ نَشْطًا
और क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो आसानी से (प्राण) निकालने वाले हैं!
وَالسَّابِحَاتِ سَبْحًا
और क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो तेज़ी से तैरने वाले हैं!
فَالسَّابِقَاتِ سَبْقًا
फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो दौड़कर आगे बढ़ने वाले हैं!
فَالْمُدَبِّرَاتِ أَمْرًا
फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो आदेश को क्रियान्वित करने वाले हैं!
يَوْمَ تَرْجُفُ الرَّاجِفَةُ
जिस दिन काँपने वाली (अर्थात् धरती) काँप उठेगी।
تَتْبَعُهَا الرَّادِفَةُ
उसके पीछे आएगी पीछे आने वाली।
قُلُوبٌ يَوْمَئِذٍ وَاجِفَةٌ
उस दिन कई दिल धड़कने वाले होंगे।
أَبْصَارُهَا خَاشِعَةٌ
उनकी आँखें झुकी हुई होंगी।
يَقُولُونَ أَإِنَّا لَمَرْدُودُونَ فِي الْحَافِرَةِ
वे कहते हैं : क्या हम निश्चय पहली स्थिति में लौटाए जाने वाले हैं?
أَإِذَا كُنَّا عِظَامًا نَخِرَةً
क्या जब हम सड़ी-गली हड्डियाँ हो जाएँगे?
قَالُوا تِلْكَ إِذًا كَرَّةٌ خَاسِرَةٌ
उन्होंने कहा : यह तो उस समय घाटे वाला लौटना होगा।
فَإِنَّمَا هِيَ زَجْرَةٌ وَاحِدَةٌ
वह तो केवल एक डाँट होगी।
فَإِذَا هُمْ بِالسَّاهِرَةِ
फिर एकाएक वे (जीवित होकर) धरती के ऊपर होंगे।
هَلْ أَتَاكَ حَدِيثُ مُوسَىٰ
(ऐ नबी!) क्या आपके पास मूसा की बात पहुँची है?
إِذْ نَادَاهُ رَبُّهُ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
जब उसके पालनहार ने उसे पवित्र घाटी 'तुवा' में पुकारा।
اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
फ़िरऔन के पास जाओ, निश्चय वह हद से बढ़ गया है।
فَقُلْ هَلْ لَكَ إِلَىٰ أَنْ تَزَكَّىٰ
फिर उससे कहो : क्या तुझे इस बात की इच्छा है कि तू पवित्र हो जाए?
وَأَهْدِيَكَ إِلَىٰ رَبِّكَ فَتَخْشَىٰ
और मैं तेरे पालनहार की ओर तेरा मार्गदर्शन करूँ, तो तू डर जाए?
فَأَرَاهُ الْآيَةَ الْكُبْرَىٰ
फिर उसे सबसे बड़ी निशानी (चमत्कार) दिखाई।
فَكَذَّبَ وَعَصَىٰ
तो उसने झुठला दिया और अवज्ञा की।
ثُمَّ أَدْبَرَ يَسْعَىٰ
फिर वह पलटा (मूसा अलैहिस्सलाम के विरोध का) प्रयास करते हुए।
فَحَشَرَ فَنَادَىٰ
फिर उसने (लोगों को) एकत्रित किया। फिर पुकारा।
فَقَالَ أَنَا رَبُّكُمُ الْأَعْلَىٰ
तो उसने कहा : मैं तुम्हारा सबसे ऊँचा पालनहार हूँ।
فَأَخَذَهُ اللَّهُ نَكَالَ الْآخِرَةِ وَالْأُولَىٰ
तो अल्लाह ने उसे आख़िरत और दुनिया की यातना में पकड़ लिया।
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبْرَةً لِمَنْ يَخْشَىٰ
निःसंदेह इसमें उस व्यक्ति के लिए शिक्षा है, जो डरता है।
أَأَنْتُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَمِ السَّمَاءُ ۚ بَنَاهَا
क्या तुम्हें पैदा करना अधिक कठिन है या आकाश को, जिसे उसने बनाया।
رَفَعَ سَمْكَهَا فَسَوَّاهَا
उसकी छत को ऊँचा किया, फिर उसे बराबर किया।
وَأَغْطَشَ لَيْلَهَا وَأَخْرَجَ ضُحَاهَا
और उसकी रात को अंधेरा कर दिया तथा उसके दिन के प्रकाश को प्रकट कर दिया।
وَالْأَرْضَ بَعْدَ ذَٰلِكَ دَحَاهَا
और उसके बाद धरती को बिछाया।
أَخْرَجَ مِنْهَا مَاءَهَا وَمَرْعَاهَا
उससे उसका पानी और उसका चारा निकाला।
وَالْجِبَالَ أَرْسَاهَا
और पर्वतों को गाड़ दिया।
مَتَاعًا لَكُمْ وَلِأَنْعَامِكُمْ
तुम्हारे तथा तुम्हारे पशुओं के लाभ के लिए।
فَإِذَا جَاءَتِ الطَّامَّةُ الْكُبْرَىٰ
फिर जब बड़ी आपदा (क़ियामत) आ जाएगी।
يَوْمَ يَتَذَكَّرُ الْإِنْسَانُ مَا سَعَىٰ
जिस दिन इनसान अपने किए को याद करेगा।
وَبُرِّزَتِ الْجَحِيمُ لِمَنْ يَرَىٰ
और देखने वाले के लिए जहन्नम सामने कर दी जाएगी।
فَأَمَّا مَنْ طَغَىٰ
तो जो व्यक्ति हद से बढ़ गया।
وَآثَرَ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا
और उसने सांसारिक जीवन को वरीयता दी।
فَإِنَّ الْجَحِيمَ هِيَ الْمَأْوَىٰ
तो निःसंदेह जहन्नम ही उसका ठिकाना है।
وَأَمَّا مَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِ وَنَهَى النَّفْسَ عَنِ الْهَوَىٰ
लेकिन जो अपने पालनहार के समक्ष खड़ा होने से डर गया तथा अपने मन को बुरी इच्छा से रोक लिया।
فَإِنَّ الْجَنَّةَ هِيَ الْمَأْوَىٰ
तो निःसंदेह जन्नत ही उसका ठिकाना है।
يَسْأَلُونَكَ عَنِ السَّاعَةِ أَيَّانَ مُرْسَاهَا
वे आपसे क़ियामत के बारे में पूछते हैं कि वह कब घटित होगी?
فِيمَ أَنْتَ مِنْ ذِكْرَاهَا
आपका उसके उल्लेख करने से क्या संबंध है?
إِلَىٰ رَبِّكَ مُنْتَهَاهَا
उस (के ज्ञान) की अंतिमता तुम्हारे पालनहार ही की ओर है।
إِنَّمَا أَنْتَ مُنْذِرُ مَنْ يَخْشَاهَا
आप तो केवल उसे डराने वाले हैं, जो उससे डरता है।
كَأَنَّهُمْ يَوْمَ يَرَوْنَهَا لَمْ يَلْبَثُوا إِلَّا عَشِيَّةً أَوْ ضُحَاهَا
जिस दिन वे उसे देखेंगे, तो (ऐसा लगेगा) मानो वे (दुनिया में) केवल एक शाम या उसकी सुबह ही ठहरे हैं।