سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الْأَعْلَى
अपने सर्वोच्च पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करो।
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।
سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الْأَعْلَى
अपने सर्वोच्च पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करो।
الَّذِي خَلَقَ فَسَوَّىٰ
जिसने पैदा किया और ठीक-ठीक बनाया।
وَالَّذِي قَدَّرَ فَهَدَىٰ
और जिसने (हर चीज़ को) अनुमानित किया, फिर मार्ग दिखाया।
وَالَّذِي أَخْرَجَ الْمَرْعَىٰ
और जिसने चारा उगाया।
فَجَعَلَهُ غُثَاءً أَحْوَىٰ
फिर उसे (सुखाकर) काले रंग का कूड़ा बना दिया।
سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنْسَىٰ
(ऐ नबी!) हम तुम्हें ऐसा पढ़ाएँगे कि तुम नहीं भूलोगे।
إِلَّا مَا شَاءَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ يَعْلَمُ الْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ
परन्तु जो अल्लाह चाहे। निश्चय ही वह खुली बात को जानता है और उस बात को भी जो छिपी हुई है।
وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ
और हम तुम्हारे लिए सरल मार्ग आसान कर देंगे।
فَذَكِّرْ إِنْ نَفَعَتِ الذِّكْرَىٰ
तो आप नसीहत करते रहें। अगर नसीहत करना लाभदायक हो।
سَيَذَّكَّرُ مَنْ يَخْشَىٰ
वह व्यक्ति उपदेश ग्रहण करेगा, जो डरता है।
وَيَتَجَنَّبُهَا الْأَشْقَى
और उससे दूर रहेगा, जो सबसे बड़ा अभागा है।
الَّذِي يَصْلَى النَّارَ الْكُبْرَىٰ
जो सबसे बड़ी आग में प्रवेश करेगा।
ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ
फिर वह उसमें न मरेगा, न जिएगा।
قَدْ أَفْلَحَ مَنْ تَزَكَّىٰ
निश्चय वह सफल हो गया, जो पाक हो गया।
وَذَكَرَ اسْمَ رَبِّهِ فَصَلَّىٰ
तथा अपने पालनहार के नाम को याद किया और नमाज़ पढ़ी।
بَلْ تُؤْثِرُونَ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا
बल्कि तुम सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते हो।
وَالْآخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ
हालाँकि आख़िरत बहुत उत्तम और अधिक बाक़ी रहने वाली है।
إِنَّ هَٰذَا لَفِي الصُّحُفِ الْأُولَىٰ
निःसंदेह यह बात पहले सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में है।
صُحُفِ إِبْرَاهِيمَ وَمُوسَىٰ
इबराहीम तथा मूसा के सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में।