Morning Light · adh-Duha · سورة الضحى · 11 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।

وَالضُّحَىٰ

कस़म है धूप चढ़ने के समय की!

وَاللَّيْلِ إِذَا سَجَىٰ

और क़सम है रात की, जब वह छा जाए।

مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ

(ऐ नबी!) तेरे पालनहार ने तुझे न तो छोड़ा और न नाराज़ हुआ।

وَلَلْآخِرَةُ خَيْرٌ لَكَ مِنَ الْأُولَىٰ

और निश्चित रूप से आख़िरत आपके लिए दुनिया से बेहतर है।

وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰ

और निश्चय तेरा पालनहार तुझे प्रदान करेगा, तो तू प्रसन्न हो जाएगा।

أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًا فَآوَىٰ

क्या उसने आपको अनाथ पाकर शरण नहीं दी?

وَوَجَدَكَ ضَالًّا فَهَدَىٰ

और आपको मार्ग से अनभिज्ञ पाया, तो सीधा मार्ग दिखाया।

وَوَجَدَكَ عَائِلًا فَأَغْنَىٰ

और उसने आपको निर्धन पाया, तो संपन्न कर दिया।

فَأَمَّا الْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْ

अतः आप अनाथ पर कठोरता न दिखाएँ।

وَأَمَّا السَّائِلَ فَلَا تَنْهَرْ

और माँगने वाले को न झिड़कें।

وَأَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْ

और अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।