The Night · al-Layl · سورة الليل · 21 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।

وَاللَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ

रात की क़सम, जब वह छा जाए।

وَالنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ

और दिन की क़सम, जब वह रौशन हो जाए!

وَمَا خَلَقَ الذَّكَرَ وَالْأُنْثَىٰ

तथा नर और मादा को पैदा करने की क़सम।

إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰ

निःसंदेह तुम्हारे प्रयास विविध हैं।

فَأَمَّا مَنْ أَعْطَىٰ وَاتَّقَىٰ

फिर जिसने (दान) दिया और (अवज्ञा से) बचा।

وَصَدَّقَ بِالْحُسْنَىٰ

और सबसे अच्छी बात को सत्य माना।

فَسَنُيَسِّرُهُ لِلْيُسْرَىٰ

तो निश्चय हम उसके लिए भलाई को आसान कर देंगे।

وَأَمَّا مَنْ بَخِلَ وَاسْتَغْنَىٰ

लेकिन वह (व्यक्ति) जिसने कंजूसी की और बेपरवाही बरती।

وَكَذَّبَ بِالْحُسْنَىٰ

और सबसे अच्छी बात को झुठलाया।

فَسَنُيَسِّرُهُ لِلْعُسْرَىٰ

तो हम उसके लिए कठिनाई (बुराई का मार्ग) आसान कर देंगे।

وَمَا يُغْنِي عَنْهُ مَالُهُ إِذَا تَرَدَّىٰ

और जब वह (जहन्नम के गड्ढे में) गिरेगा, तो उसका धन उसके किसी काम नहीं आएगा।

إِنَّ عَلَيْنَا لَلْهُدَىٰ

निःसंदेह हमारा ही ज़िम्मे मार्ग दिखाना है।

وَإِنَّ لَنَا لَلْآخِرَةَ وَالْأُولَىٰ

निःसंदेह हमारे ही अधिकार में आख़िरत और दुनिया है।

فَأَنْذَرْتُكُمْ نَارًا تَلَظَّىٰ

अतः मैंने तुम्हें भड़कती आग से सावधान कर दिया है।

لَا يَصْلَاهَا إِلَّا الْأَشْقَى

जिसमें केवल सबसे बड़ा अभागा ही प्रवेश करेगा।

الَّذِي كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ

जिसने झुठलाया तथा मुँह फेरा।

وَسَيُجَنَّبُهَا الْأَتْقَى

और उससे उस व्यक्ति को बचा लिया जाएगा, जो सबसे ज़्यादा परहेज़गार है।

الَّذِي يُؤْتِي مَالَهُ يَتَزَكَّىٰ

जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।

وَمَا لِأَحَدٍ عِنْدَهُ مِنْ نِعْمَةٍ تُجْزَىٰ

और उसपर किसी का कोई उपकार नहीं है, जिसका बदला चुकाया जाए।

إِلَّا ابْتِغَاءَ وَجْهِ رَبِّهِ الْأَعْلَىٰ

वह तो केवल अपने सर्वोच्च रब का चेहरा चाहता है।

وَلَسَوْفَ يَرْضَىٰ

और निश्चय वह (बंदा) प्रसन्न हो जाएगा।