The Fig · at-Tin · سورة التين · 8 ayahs

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयावान्, असीम दया वाला है।

وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ

क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!

وَطُورِ سِينِينَ

एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!

وَهَٰذَا الْبَلَدِ الْأَمِينِ

और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!

لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنْسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ

निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।

ثُمَّ رَدَدْنَاهُ أَسْفَلَ سَافِلِينَ

फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।

إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ

परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِ

फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?

أَلَيْسَ اللَّهُ بِأَحْكَمِ الْحَاكِمِينَ

क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?